अरबपति की अटूट एक्स-वाइफ

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अध्याय 10 षड्यंत्र का अनावरण

एला को इसका अंदाज़ा था।

ऑस्टिन हमेशा ऐसा ही रहेगा।

कभी वजह नहीं पूछेगा, अपने-आप मान लेगा कि गलती उसी की है।

उसके लिए न तो कभी जूडिथ गलत हो सकती थी, न ही कोई नौकर।

शायद ऑस्टिन के दिल में रेमंड हवेली में उसकी हैसियत फर्नीचर के एक टुकड़े से भी नीचे थी?

“तो तुम उसकी कहानी पर यक़ीन करते हो?” एला ने पूछा। उसकी आँखों में ठंडी-सी निराशा जम गई थी।

ऑस्टिन वहीं खड़ा रहा—चेहरे पर कोई भाव नहीं, बस बेजान-सा सिर हिलाया। “सबूत दिखाओ, तो शायद मैं तुम्हें थोड़ा बेहतर समझूँ… वरना ये छोटी-छोटी ड्रामेबाज़ी यूँ ही चलती रहेगी और मैं देखता रहूँगा।”

एला ने पहले से छपी तस्वीरें और यासमीन के लेन-देन के रिकॉर्ड ऑस्टिन के चेहरे पर दे मारे। “अब संतुष्ट हो? अगर इतना काफ़ी नहीं, तो मेरे पास और भी है।”

तस्वीरें और काग़ज़ पत्तों की तरह बिखर गए—जानबूझकर की गई बेइज़्ज़ती के साथ नीचे गिरते हुए।

ऑस्टिन ने नज़रें झुकाईं, फर्श पर पड़ी तस्वीरों और दस लाख डॉलर के ट्रांसफ़र की रसीद को ठंडेपन से देखा। “यासमीन के साथ किसी आदमी की नज़दीकी और दस लाख डॉलर का ट्रांज़ैक्शन… ये सब तलाश करके तुम क्या साबित करना चाहती हो?”

“या तुम कह रही हो कि यासमीन ने दस लाख डॉलर का गबन किया?”

ऑस्टिन को यासमीन के खिलाफ़ एला की ये दुश्मनी समझ नहीं आती थी।

वो आधे महीने से गायब थी।

सिर्फ़ यही सब पता करने के लिए?

वो इतनी बेवजह ज़िद्दी कैसे हो सकती है?

गाला की आग के दौरान उसे बताया गया था कि लापता एला है, और वो उसे ढूँढ़ रहा था। अब वो ठीक-ठाक सामने खड़ी थी, हाथ में ये अजीब-सा सबूतों का ढेर लिए।

ऑस्टिन को जवाब चाहिए थे।

“मिस्टर रेमंड, मैं कसम खाती हूँ, मैंने इस घर से कभी कुछ नहीं चुराया। कृपया मुझ पर भरोसा कीजिए!” यासमीन तुरंत काँपने लगी, खुद को बचाने की कोशिश में।

उसकी घबराहट देखकर ऑस्टिन के मन में शक पैदा होना लाज़मी था।

उसने एला की तरफ़ देखा। “ये आदमी कौन है?”

एला अपनी गर्भावस्था का ज़िक्र नहीं करना चाहती थी।

वो अब ऑस्टिन से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती थी।

“वो जो भी हो, इतनी बड़ी रकम शक के दायरे में है और इसकी जाँच होनी चाहिए। मैं चाहती हूँ आप इसे पूरी तरह देखिए—कम से कम किसी गुनहगार को सज़ा से मत बचने दीजिए।”

एला की नज़र यासमीन पर पड़ी, जो फर्श पर गिड़गिड़ा रही थी।

यासमीन गुस्से से फट पड़ी। “मिसेज़ रेमंड, मैंने आपका क्या बिगाड़ा है? आप मुझे ऐसे क्यों फँसा रही हैं? मैंने रेमंड परिवार की दस साल सेवा की है। अगर मैंने कभी कुछ भी चुराया हो, तो भगवान करे मेरी भयानक मौत हो!”

“बस बता दो ये पैसा तुम्हें किसने भेजा, मैं तुम्हें छोड़ दूँगी,” एला ने ज़िद करके कहा।

वो यह पता लगाने पर अड़ी थी कि उसके अजन्मे बच्चे को नुकसान पहुँचाने की साज़िश किसने रची थी।

यासमीन तो बस एक मोहरा थी।

उसे उससे निपटने की कोई जल्दी नहीं थी।

उसी पल, फोन की घंटी बजी।

ऑस्टिन ने फोन निकाला और स्क्रीन पर नाम देखा—जूडिथ।

उसने फोन हाथ में पकड़े रखा, और उसकी तीखी नज़र एक पल के लिए एला पर घूम गई।

“नौकरों की बात तुम्हें परेशान करने लायक नहीं है, खासकर तुम्हारी सेहत की हालत में।”

एला को अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं थी कि कॉल किसकी है।

जूडिथ।

ऐसे जैसे शिकारी कुत्ता—अजीब-सी सटीक टाइमिंग के साथ, हर अहम मौके पर टपक पड़ती।

अब जूडिथ को हर बात के पीछे का दिमाग़ मानने से खुद को रोकना और मुश्किल होता जा रहा था।

आग से पहले की बातें याद आईं—वो बच सकती थी, फिर भी उसे धक्का देकर नीचे गिराया गया…

एला की आँखें और ठंडी हो गईं, जैसे दिमाग़ में बिखरे टुकड़े जुड़ते जा रहे हों—और सबका इशारा एक ही शख़्स की तरफ़ हो।

जब उसके मन में ढेरों ख़याल उमड़ने लगे, ऑस्टिन की ठंडी नज़र सीधे उसके चेहरे पर आ टिकी।

“मान भी लो किसी नौकर ने दस लाख डॉलर चुराए हों, तो क्या इतना तमाशा करना ज़रूरी है—और जूडिथ को बीच में घसीटना?”

एला को लगा जैसे उस पर बेवजह इल्ज़ाम लगाया जा रहा हो। उसने पलटकर कहा, “जूडिथ को ये बात पता कैसे चली? कब से हमारे घर की बातें गैरों से जुड़ने लगीं?”

“वो गैर नहीं है!” ऑस्टिन दहाड़ा—हर शब्द हथौड़े की चोट की तरह पड़ा।

एला हँस पड़ी—उसके चेहरे पर वह ऐंठा हुआ भाव देखकर, वह ग़ुस्सा जो वह सिर्फ़ जुडिथ की ख़ातिर दिखा रहा था।

उसका हमेशा का संयम पूरी तरह गायब हो चुका था।

वह जुडिथ की वजह से उस पर चिल्ला रहा था।

सीने में उठता दर्द असहनीय था।

एला ने ऑस्टिन को सवालिया, अविश्वासी नज़रों से देखा। “तो मैं ही पराई हूँ?” उसने पूछा।

ऑस्टिन चुप हो गया।

अपने बच्चे की खातिर, उसे यह बात आख़िर तक ले जानी थी।

इन पिछले दिनों वह पूरी तरह टूटने की कगार पर थी—जैसे तनी हुई रस्सी पर चल रही हो, जहाँ एक भी चूक सीधे खाई में गिरा देती।

वह बस अपने खोए हुए बच्चे के लिए इंसाफ़ चाहती थी।

उसने आँखें कसकर बंद कर लीं, आँसुओं की दो धाराएँ गालों पर बह निकलीं।

“ऑस्टिन, मैं बस चाहती हूँ कि वह सब कुछ कबूल करे और सच सामने लाए।”

उसकी भौंहें सख़्ती से सिकुड़ गईं। उसने सवाल दागा, “कौन-सा सच?”

एला को बिना शर्त भरोसा चाहिए था, पूछताछ नहीं।

“इतने सवाल क्यों? इस घर की मालकिन होकर क्या मुझे किसी नौकर को निकालने के लिए तुम्हारी इजाज़त चाहिए?”

उसका दम घुट रहा था। हाथ बेकाबू काँप रहे थे, और उसने आवाज़ ऊँची कर ली—उसी के सुर में।

ऑस्टिन ने होंठ भींच लिए, कुछ नहीं बोला।

वह शांत ही रहा—उसके भावनात्मक विस्फोट को देखते हुए, जैसे ठंडे दिल से तमाशा देख रहा हो, जैसे वह पागलों की तरह बर्ताव कर रही हो।

एला का सब्र टूट गया।

“मैं पुलिस को फ़ोन कर रही हूँ!”

उसने फोन उठाया और नंबर मिलाने लगी।

ऑस्टिन हिला तक नहीं, अपनी जगह डटा रहा।

रोशनी उसके तीखे चेहरे को दो हिस्सों में बाँट रही थी—एक गर्म, एक सर्द।

उसकी सलीकेदार शर्ट उसकी लंबी, सीधी काया को और उभार रही थी, और उसके आसपास की सिहरन भरी ठंडक एला को ढँकती चली आई।

एला ने खुद को मजबूत किया, कॉल का बटन दबाने ही वाली थी कि फर्श पर घुटनों के बल बैठी यास्मिन आखिर बोल पड़ी।

“मत फोन करो… मैं बता देती हूँ।”

उसी पल डोरबेल बजी।

तनाव भरा माहौल एकदम टूट गया। ऑस्टिन ने एला को ठंडी नज़र से देखा और दरवाज़े की तरफ़ चला गया।

दरवाज़ा खोला तो जुडिथ सामने खड़ी थी—साँसें तेज़, जैसे दौड़कर आई हो।

“ऑस्टिन!”

एला ने पीठ उनकी तरफ़ कर रखी थी, उसे लगा जान-बूझकर उसे नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

“ऑस्टिन, गुस्सा मत करो! एला शायद घर में बहुत लाड़-प्यार में रही है, इसलिए उसका मिज़ाज थोड़ा तेज़ है। उसे एक नौकरानी पर ऐसे नहीं निकलना चाहिए।”

ऑस्टिन ने नरमी से पूछा, “थक गई हो?”

“बिल्कुल नहीं। तुम्हारी परेशानियाँ सुलझाने में मुझे खुशी होती है,” जुडिथ ने जवाब दिया।

उनकी बातें एला की पीठ में गड़े चाकुओं जैसी लगीं।

उसकी उँगलियाँ मुट्ठी में इतनी कस गईं कि सुन्न पड़ने लगीं।

हथेली में नमी महसूस हुई, पर उसने नीचे नहीं देखा।

वह घूमी और दरवाज़े के पास खड़े उन दोनों को बर्फ़ीली नज़रों से घूरने लगी।

“एला, एक हाउसकीपर ने ऐसा क्या कर दिया कि उसके साथ ये सलूक? बस दस लाख डॉलर ही तो हैं। मैं लौटा दूँगी। उस पर इतनी सख़्ती मत करो, ठीक है?” जुडिथ की बातों ने सब उलट-पुलट कर दिया—मानो एला ही बेवजह की जिद कर रही हो।

एला को मानना पड़ा, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने में जुडिथ कमाल थी।

एला ने ठंडी हँसी छोड़ी। “तुम उसे जानती हो?”

यास्मिन से जुड़ा कोई भी अब उसकी नज़र में संदिग्ध था।

जिस तरह जुडिथ दौड़ती हुई यास्मिन का बचाव करने आई थी, वह बेहद शक़ी था।

और जुडिथ को यह भी कैसे पता चला कि यास्मिन ने क्या किया?

जब तक कि… सबके पीछे वही न हो।

“यास्मिन ने ही मुझे पाला-पोसा है। मैं उसे हमेशा परिवार मानती आई हूँ,” जुडिथ ने तर्कसंगत लहजे में समझाया। “उसके निकम्मे बेटे पर दस लाख डॉलर का कर्ज़ था। वह मदद माँगने मेरे पास आई, लेकिन मैं दे नहीं पाई। लगता है उसने कोई और रास्ता निकाल लिया।”

जुडिथ सीधे एला की आँखों में देखते हुए मुस्कुराती रही और समझाती रही।

उसका इशारा साफ़ था—यास्मिन को अपने बेटे का कर्ज़ चुकाने के लिए दस लाख डॉलर चाहिए थे।

क्या उसका बेटा ज़ेवियर हो सकता है—पीसफुल वेलनेस क्लिनिक का ऑब्स्टेट्रिक्स विभागाध्यक्ष?

“बहुत हुआ। अब जब बात साफ़ हो गई है, तो ड्रामा बंद करो,” ऑस्टिन ने कहा।

यास्मिन ने फर्श पर बार-बार सिर हिलाया, और कबूलनामा शुरू करने लगी।

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